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गले में खिच-खिच और खराश, हो सकती है मौसमी संकà¥à¤°à¤®à¤£ की दसà¥â€à¤¤à¤•, टà¥à¤°à¤¾à¤¯ करें ये होम रेमेडीज
मौसमी संकà¥à¤°à¤®à¤£ की सबसे पहली दसà¥â€à¤¤à¤• गले में ही महसूस होती है। घबराà¤à¤‚ नहीं, हर बार गले में इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ का मतलब कोविड-19 नहीं। इससे समà¤à¥‡à¤‚ और फॉलो करें बचने के ये घरेलू उपाय।
आपको हलà¥à¤¦à¥€ से गले की ख़राश और दरà¥à¤¦ में तà¥à¤°à¤‚त आराम मिलता है।
हलà¥à¤•ा सा सरà¥à¤¦à¥€-ज़à¥à¤–ाम à¤à¥€ आजकल हमें चिंता में डाल देता है, कहीं यह कोविड-19 का इंफेकà¥à¤¶à¤¨ तो नहीं! à¤à¤¸à¥‡ में यह जानना ज़रूरी है कि मौसमी इंफेकà¥à¤¶à¤¨ और कोविड-19 में कà¥à¤¯à¤¾ फरà¥à¤• है और इससे खà¥à¤¦ को कैसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखा जाà¤à¥¤
हर बार गले का इंफेकà¥à¤¶à¤¨ डरने वाली बात नहीं
सबसे पहले तो यह जान लें कि कोविड-19 का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£ है बà¥à¥™à¤¾à¤° और सूखी खांसी। वहीं गले के इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के सिमà¥à¤ªà¤Ÿà¤®à¥à¤¸ हैं गले मे दरà¥à¤¦, ख़राश, खà¥à¤œà¤²à¥€ और ज़à¥à¤•ाम। अगर आपके गले में दरà¥à¤¦ है और खांसी नहीं आ रही है, तो आपको फैरिनजाइटिस हà¥à¤† है। फैरिनजाइटिस यानी फैरीनकà¥à¤¸ का इंफेकà¥à¤¶à¤¨à¥¤
फैरिंकà¥à¤¸ में दो तरह के इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होते हैं- वायरल और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤²à¥¤ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ में गले के अंदर सफेद दाग दिखते हैं, जिसके लिठà¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ ली जाती हैं। वायरल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ जो अधिकांश तौर पर मानसून में होता है, 4 से 10 दिन में अपने आप ठीक हो जाता है।
गले की ख़राश और ज़à¥à¤•ाम से बचने के लिठखाà¤à¤‚ विटामिन सी।
कैसे खà¥à¤¦ को मानसून में होने वाले इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखें?
पà¥à¤°à¥€à¤•ॉशनà¥à¤¸ हमेशा ही कà¥à¤¯à¥‹à¤° से बेहतर होते हैं, हैं ना! तो अपने आपको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने का सबसे कारगर उपाय है इमà¥à¤¯à¥‚निटी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤— रखना। इन सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ªà¥à¤¸ से मानसून में खà¥à¤¦ को इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ से बचायें-
1. विटामिन सी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाà¤à¤‚
बीमारियों से बचने के लिठआपकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‚ग होनी चाहिà¤à¥¤ और इसे सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‚ग करता है विटामिन सी। विटामिन सी तो हमेशा ही अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में अपने आहार में शामिल रखना चाहिà¤, मगर मानसून में इसका खास ख़याल रखना चाहिà¤à¥¤
नींबू, सनà¥à¤¤à¤°à¤¾, मौसमà¥à¤¬à¥€, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जैसे खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों को अपने आहार का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनाà¤à¤‚। हर रोज़ कम से कम à¤à¤• फल ज़रूर खाà¤à¤‚। शिमला मिरà¥à¤š à¤à¥€ विटामिन सी का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है जिसे आप अपने आहार में शामिल कर सकती हैं।
2. अपना पेट साफ रखें
आप सोच रही होंगी कि पेट का इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ से कà¥à¤¯à¤¾ लेना देना? हम बताते हैं। हमारे पेट में बहà¥à¤¤ सारे गà¥à¤¡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ रहते हैं। पेट खराब होने पर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का संतà¥à¤²à¤¨ बिगड़ जाता है। इसका सीधा असर पड़ता है हमारे इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® पर। अगर पेट साफ और दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ होगा तो इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® à¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤— रहेगा। इसलिठमानसून में फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें और ख़ूब पानी पियें।
3. बारिश से दूर रहें
अगर आप आसानी से बीमार पड़ जाती हैं तो बारिश में à¤à¥€à¤—ने की गलती न करें। हमारी फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ में यह कितना à¤à¥€ मज़ेदार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न दिखे, बारिश में à¤à¥€à¤—ना कई इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ की जड़ होता है। इसलिठबारिश से दूरी ही बनाकर रखें।
बरसात का मौसम अपने साथ कई बीमारियां à¤à¥€ लाता है।
4. हाथ समय-समय पर धोती रहें
पिछले कà¥à¤› महीनों में हाथ धोने पर काफी जोर दिया गया है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हाइजीन से समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ मतलब सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से समà¤à¥Œà¤¤à¤¾à¥¤ अपने हाथों को साबà¥à¤¨ से अचà¥à¤›à¥€ तरह धोà¤à¤‚ और साफ तौलिये से पोंछ à¤à¥€ लें। हाथों को गीला रखना à¤à¥€ आपके इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का कारण बन सकता है।
अगर आपके गले मे इंफेकà¥à¤¶à¤¨ है, तो इन होम रेमेडीज का सहारा लें-
वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ ठीक होने में समय लेता है। अगर आपका गला खराब है, तो हफà¥à¤¤à¥‡ à¤à¤° के कषà¥à¤Ÿ के लिठतैयार रहें। लेकिन इन उपायों को अपनाकर आप रिकवरी को आसान बना सकती हैं।
1. अदरक और शहद अपनी डाइट में शामिल करें
चाय में अदरक बà¥à¤¾à¤à¤‚, जिंजर टी पियें या गरà¥à¤® पानी में शहद मिलाकर पिà¤à¤‚। अदरक में à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€ होती हैं जो गले के दरà¥à¤¦ में आराम देती हैं। शहद ख़राश को कम करता है और इंफेकà¥à¤¶à¤¨ में राहत देता है।
गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी मे शहद और अदरक मिलाकर पीने से गले के दरà¥à¤¦ में आराम मिलता है।
2. खूब सारा पानी पिà¤à¤‚
पानी ही धरती का अमृत है। आपके शरीर की हर समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर कर सकता है पानी। पानी टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥à¤¸ को शरीर के बाहर निकालता है। इंफेकà¥à¤¶à¤¨ है तो गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी पियें, यह गले के दरà¥à¤¦ में आराम देता है।
3. हलà¥à¤¦à¥€-नमक के पानी से करें गरारे
गरारा यानी गारà¥à¤—ल गले के दरà¥à¤¦ में बहà¥à¤¤ आराम पहà¥à¤‚चाता है। गरà¥à¤® पानी में à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी हलà¥à¤¦à¥€ और à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी सेंधा नमक डालकर गरारा करें। यह गले की सिकाई कर उसे आराम दिलाता है और दरà¥à¤¦ और ख़राश में राहत देता है। हलà¥à¤¦à¥€ में à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गà¥à¤£ होते हैं जो इंफेकà¥à¤¶à¤¨ को खतà¥à¤® करते हैं।
4. हरà¥à¤¬à¤² चाय का लें आनंद
हरà¥à¤¬à¤² चाय में आपके पास काफ़ी विकलà¥à¤ª मौजूद हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप घर पर à¤à¥€ बना सकते हैं।
शरीर मे पानी की पूरà¥à¤¤à¤¿ करने के लिठहरà¥à¤¬à¤² चाय सबसे बेहतरीन है। दिन à¤à¤° में अलग-अलग तरह की हरà¥à¤¬à¤² चाय अपनी डाइट में शामिल करें। जिंजर टी, लेमन टी, तà¥à¤²à¤¸à¥€ की चाय इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ लेते रहें। यह आपके गले को आराम पहà¥à¤‚चाà¤à¤—ा और पानी की कमी à¤à¥€ नही होने देगा।
गले का इंफेकà¥à¤¶à¤¨ मानसून में अकà¥à¤¸à¤° हो जाता है, इसमें पैनिक ना करें। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ से जितना दूर रहेंगी उतना ही सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहेंगी। इन आसान उपाय को घर पर अपना कर आप खà¥à¤¦ को इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रख सकते हैं।
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